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    September 04, 2025

    सर्च इंजन को टक्कर: 55% लोग अब सवालों के लिए AI को दे रहे पहली तरजीह, गूगल की बढ़ी चिंता

    क्या गूगल की बादशाहत अब खतरे में है? ‘फ्यूचर एआई सेंटिमेंट वेव 3’ रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में 55% और ब्रिटेन में 62% लोग अब सर्च इंजन की जगह AI चैटबॉट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। लोग बताते हैं कि गूगल लिंक और विज्ञापनों की भीड़ दिखाता है, जबकि AI सीधे और सटीक जवाब देता है। यही वजह है कि यूजर्स का भरोसा अब जनरेटिव AI पर ज्यादा है।

    क्यों बढ़ रहा AI पर भरोसा?
    AI के पॉपुलर होने का सबसे बड़ा कारण है पर्सनलाइजेशन। चैटबॉट्स बातचीत की तरह स्टेप-बाय-स्टेप समाधान देते हैं। इससे यूजर्स को न सिर्फ सही जानकारी मिलती है, बल्कि समय और मेहनत दोनों की बचत होती है।

    इन कामों में गूगल को पीछे छोड़ रहा AI
    ट्रैवल प्लानिंग: अब लोग गूगल पर होटल्स और टिकट ढूंढने की बजाय AI से पूरा ट्रिप शेड्यूल बनवाते हैं।

    फिटनेस रूटीन: पर्सनलाइज्ड वर्कआउट और डाइट चार्ट के लिए चैटबॉट्स पर भरोसा किया जा रहा है।

    गिफ्ट सजेशन: बजट, अवसर और पसंद बताने पर AI तुरंत सही गिफ्ट की लिस्ट बना देता है।

    टेक ट्रबलशूटिंग: लैपटॉप-फोन की दिक्कतें अब AI से हल हो रही हैं, फोरम्स खंगालने की जरूरत खत्म हो रही है।

    प्रोडक्ट कंपैरिजन: लोग अब गूगल पर रिव्यू पढ़ने की बजाय AI से तुलना को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

    ई-मेल और मैसेज ड्राफ्टिंग: ऑफिस मेल या कवर लेटर को लिखवाने में AI मददगार साबित हो रहा है।

    क्या पीछे छूट जाएगा गूगल?
    हालांकि, एक्सपर्ट्स मानते हैं कि फैक्ट्स वेरिफाई करने और ऑथेंटिक सोर्सेज से जानकारी चेक करने के लिए अभी भी सर्च इंजन जरूरी है। लेकिन पहली पसंद के तौर पर लोग AI को अपना रहे हैं। ChatGPT जैसे टूल रोजाना अरबों प्रॉम्प्ट्स हैंडल कर रहे हैं और यही ट्रेंड गूगल के लिए चुनौती बन गया है।

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