पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान का एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें अपने करियर को लेकर बात करते देखा जा सकता है। इसमें वह कथित रूप से धोनी पर निशाना साधते दिख रहे हैं। पांच साल पुराने इस वीडियो के वायरल होने के बाद अब इरफान ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पीआर लॉबी पर निशाना साधा है।
पुराना इंटरव्यू वायरल होने पर क्या बोले इरफान पठान?
सोशल मीडिया पर पुराना इंटरव्यू वायरल होने के बाद इरफान ने पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, 'आधा दशक पुराना वीडियो अब बयान के संदर्भ को तोड़-मरोड़कर पेश करते हुए सामने आया है। फैन वॉर? पीआर लॉबी?' यहां इरफान ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन कुछ प्रशंसकों का मानना है कि वह धोनी पर निशाना साध रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, 'कोई है जो बिना सोशल मीडिया पर आए अपना पी आर चलाता है।'
जब धोनी से पूछा सवाल तो मिला ये जवाब
इरफान ने स्पोर्ट्स तक को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि 2008 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान मीडिया में खबरें आई थीं कि धोनी उनकी गेंदबाजी से खुश नहीं हैं। इस पर इरफान ने खुद जाकर धोनी से पूछा था। इरफान ने कहा, 'हां, मैंने पूछा था। मीडिया में बयान आया था कि इरफान अच्छी गेंदबाजी नहीं कर रहे। मुझे लगा कि मैंने तो सीरीज में अच्छा प्रदर्शन किया है, तो मैंने माही भाई से जाकर बात की। उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है, सब ठीक चल रहा है। जब कप्तान खुद कह दे, तो आप भरोसा कर लेते हैं। अगर बार-बार स्पष्टीकरण मांगो, तो अपनी इज्जत पर असर पड़ता है।'
'हुक्का लगाने की आदत नहीं'
इरफान ने धोनी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें कप्तान को खुश करने की आदत नहीं थी। उन्होंने कहा, 'मेरी आदत नहीं है कि मैं किसी के कमरे में हुक्का लगाऊं या खुशामद करूं। सब जानते हैं। कभी-कभी चुप रहना बेहतर होता है। एक खिलाड़ी का असली काम मैदान पर प्रदर्शन करना है और मैं उसी पर ध्यान देता था।
अचानक करियर का अंत हुआ
इरफान पठान ने 2012 में आखिरी वनडे खेला था, जिसमें उन्होंने पांच विकेट भी झटके थे। इसके बावजूद उन्हें दोबारा टीम में जगह नहीं मिली और उनका अंतरराष्ट्रीय करियर अचानक थम गया। इरफान पठान ने जब भारतीय टीम में एंट्री की थी, तब लोग उनके पेस और स्विंग को देखकर हैरान रह गए थे। इरफान ने शुरुआती दौर में दुनिया के कई दिग्गज बल्लेबाजों को अपने स्विंग से परेशान किया। टेस्ट में हैट्रिक लेने वाले वह भारत के पहले तेज गेंदबाज बने थे। हालांकि, 2007 टी20 विश्व कप के बाद इरफान धीरे-धीरे भारतीय क्रिकेट से गायब होने लगे और एक वक्त ऐसा आया, जब आईपीएल में भी कोई टीम उन्हें खरीदने को तैयार नहीं हुई।
