• Home
  • India
  • Rajasthan
  • Alwar
  • Politics
  • SPORTS
  • ECONOMY
  • Science & Tech
  • Jobs
  • HEALTH
  • Bollywood
  • blog
    May 30, 2026

    अभिषेक बनर्जी पर हमला बना राजनीतिक मुद्दा, विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

    पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर हिंसा के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले के बाद राज्य का सियासी माहौल गरमा गया है। घटना उस समय हुई जब अभिषेक चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान उन पर पत्थर, अंडे और जूते फेंके गए।  घटना के बाद टीएमसी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि "शासक ही हत्यारे बन गए हैं" और लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। ममता ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।  टीएमसी ने हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए दावा किया कि यह एक सुनियोजित साजिश थी। पार्टी नेताओं का आरोप है कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है।  टीएमसी ने बताया पूर्व नियोजित साजिश  टीएमसी नेता सुष्मिता देव ने कहा कि यह आम लोगों का स्वतःस्फूर्त विरोध नहीं था, बल्कि पार्टी को डराने और चुप कराने की कोशिश थी। वहीं सांसद सागरिका घोष ने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि हमले के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद नहीं थी, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।  विपक्ष ने की निंदा  कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद कभी भी हिंसा का कारण नहीं बन सकते। उन्होंने सभी राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।  समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी हमले को "जानलेवा" बताते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में अराजक माहौल बनता जा रहा है। उन्होंने भाजपा पर नफरत और हिंसा की राजनीति करने का आरोप लगाया।  भाजपा ने आरोपों को किया खारिज  भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने हमले से पार्टी का कोई संबंध होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसी घटनाएं स्वीकार्य नहीं हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अतीत में भाजपा कार्यकर्ता भी टीएमसी शासन के दौरान हिंसा का शिकार हुए हैं।  अदालत जाने की तैयारी में अभिषेक  हमले के बाद अभिषेक बनर्जी ने इसे अपनी हत्या की कोशिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले को अदालत में ले जाया जाएगा। उनका कहना है कि यदि एक निर्वाचित सांसद पर खुलेआम हमला हो सकता है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।  घटना के बाद इलाके में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है और भाजपा तथा टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। बंगाल की राजनीति में हिंसा का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है।

    Tags :
    Share :

    Top Stories