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    May 28, 2026

    भीषण गर्मी में बेघर लोग परेशान, रैनबसरों में आराम फरमा रहे ठेकेदार के लोग

    अलवर में गुरुवार को तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। भीषण गर्मी और लू के बीच गरीब और मजदूर सड़क किनारे दिन गुजारने को मजबूर हैं। इसी बीच ‘भास्कर’ टीम ने शहर के तीन रैन बसेरों का रियलिटी चेक किया, जिसमें कई चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आईं।

    जिन रैन बसेरों को गरीबों और मजदूरों को राहत देने के लिए बनाया गया था, वहां दिन में आम मजदूरों की एंट्री पर अघोषित रोक मिली। दूसरी ओर, कुछ जगहों पर ठेकेदारों के कर्मचारी आराम करते नजर आए।

    कंपनी बाग के सामने स्थित रैन बसेरे में रोडलाइट लगाने वाले ठेकेदार के कर्मचारी आराम करते मिले। जांच में सामने आया कि उनकी रजिस्टर में एंट्री तक दर्ज नहीं थी। वहीं रेलवे जंक्शन और खदाना मोहल्ला स्थित रैन बसेरों में दिन के समय एक भी मजदूर मौजूद नहीं मिला। कर्मचारियों ने बताया कि यहां केवल रात में ही रुकने की अनुमति है।

    रैन बसेरों के बाहर मजदूर धूप और लू से बचने के लिए टैंट व दुकानों की छांव में बैठे नजर आए। मजदूरों का कहना है कि यदि दिन में भी रैन बसेरों में विश्राम की अनुमति मिले तो वे लू से बच सकते हैं।

    रेलवे जंक्शन रैन बसेरे के मैनेजर रामकरण ने कहा कि दिन में रुकने की अनुमति नहीं है। वहीं खदाना मोहल्ला रैन बसेरे के गार्ड जगबीर ने भी बताया कि यहां मजदूर केवल रात में आते हैं।

    कंपनी बाग रैन बसेरे में नियमों की अनदेखी सामने आई। यहां ठेकेदार के मजदूर बिना एंट्री के रुके मिले, जबकि मैनेजर खुद कूलर की हवा में आराम करता मिला। बाद में उसने माना कि मजदूरों की एंट्री नहीं की गई थी और आगे से ध्यान रखने की बात कही।

    बिजली घर चौराहे पर मजदूरों ने कहा कि काम नहीं मिलने पर उन्हें पूरी दोपहर सड़क पर लू के थपेड़े खाते हुए बितानी पड़ती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है। मजदूरों ने सवाल उठाया कि बिना एंट्री ठेकेदार के लोगों को ठहराने वाले जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी।

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