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    February 02, 2026

    सस्पेंड पटवारी की बहाली की मांग, कलेक्टर के फैसले से नाराज कर्मचारी

    अलवर में निलंबित पटवारी की बहाली नहीं होने से जिलेभर के पटवारी सोमवार से हड़ताल पर बैठ गए हैं। पटवारी मिनी सचिवालय के बाहर काम बंद कर धरना दे रहे हैं, जिससे नामांतरण, इंतकाल और राजस्व से जुड़े छोटे-बड़े सभी काम ठप हो गए हैं।

    यह हड़ताल पटवारी करण सिंह चौधरी के निलंबन को लेकर की जा रही है। पटवारियों का आरोप है कि कोर्ट से निलंबन आदेश पर स्टे मिलने के बावजूद जिला प्रशासन ने उन्हें बहाल नहीं किया। इससे पहले पटवारियों ने पेन-डाउन हड़ताल कर प्रशासन को चेताया था, लेकिन मांग नहीं मानी गई तो अब अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी गई।

    पटवार संघ अलवर के जिला महामंत्री संतोष कुमार ने बताया कि अलवर कलेक्टर ने पटवारी करण चौधरी को निलंबित किया था। सिविल सेवा प्राधिकरण से 7 जनवरी को स्थगन आदेश आ गया, इसके बावजूद उन्हें दोबारा ज्वाइन नहीं कराया गया। इसे लेकर राजस्थान पटवार संघ की ओर से कई बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।

    संघ के संयुक्त मंत्री मनोज कुमार मीणा ने कहा कि पटवारी करण चौधरी कोर्ट का स्थगन आदेश लेकर कलेक्टर, तहसीलदार और उपखंड अधिकारी को दे चुके हैं। इसके बावजूद बहाली नहीं की गई। एक दिन की पेन-डाउन हड़ताल के बाद भी प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, इसलिए अब सभी पटवारी हड़ताल पर हैं और मांग पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।

    दिसंबर 2025 में हुआ था निलंबन

    पटवारी करण सिंह पर वर्ष 2024 में देव खेड़ा क्षेत्र में तैनाती के दौरान विरासत की जमीन का इंतकाल गलत तरीके से चढ़ाने का आरोप लगा था। एडीएम की रिपोर्ट के आधार पर अलवर कलेक्टर ने 24 दिसंबर 2025 को उन्हें निलंबित कर दिया था।

    इसके बाद करण सिंह ने कोर्ट में याचिका दायर की, जहां से निलंबन आदेश पर स्टे मिल गया। 13 जनवरी 2026 को उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कोर्ट का आदेश सौंपकर बहाली की मांग की, लेकिन अब तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ। इसी को लेकर पटवारियों में भारी नाराजगी है और जिलेभर का राजस्व कामकाज ठप पड़ा है।

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