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    February 18, 2026

    बॉक्सिंग रिंग में उतरे बाबिल खान नए एक्शन किरदार की तैयारी में सीख रहे मुआई थाई

    दुनियाभर में संक्रामक बीमारियों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच एमपॉक्स (मंकीपॉक्स) का खतरा एक बार फिर उभरता दिख रहा है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत और यूनाइटेड किंगडम में रिकॉम्बिनेंट एमपॉक्स वायरस स्ट्रेन के दो नए मामलों की पुष्टि की है। हालांकि वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम के आकलन में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन लगातार जीनोमिक निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

    बताया गया है कि यूके में मिले संक्रमित व्यक्ति की ट्रैवल हिस्ट्री साउथ-ईस्ट एशिया से जुड़ी थी, जबकि भारत में सामने आए मामले का संबंध अरब प्रायद्वीप की यात्रा से रहा है। जीनोम सीक्वेंसिंग में सामने आया कि वायरस में क्लेड Ib और क्लेड IIb दोनों के जेनेटिक तत्व मौजूद हैं, जिससे नए स्ट्रेन के फैलाव को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।

    WHO के मुताबिक रिकॉम्बिनेशन एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो तब होती है जब समान प्रकार के दो वायरस एक साथ संक्रमण कर जेनेटिक सामग्री का आदान-प्रदान करते हैं। फिलहाल केवल दो मामले सामने आए हैं, इसलिए संक्रमण की गंभीरता या फैलाव को लेकर ठोस निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी, लेकिन निगरानी जारी रखी जा रही है।

    एमपॉक्स एक वायरल संक्रामक रोग है, जो मुख्य रूप से त्वचा-से-त्वचा संपर्क से फैलता है। इसके लक्षणों में बुखार, लिम्फ नोड्स में सूजन, मांसपेशियों में दर्द और त्वचा पर चकत्ते शामिल हैं। पिछले वर्षों में कई देशों में इसके मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार सतर्क बनी हुई हैं।

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