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    February 19, 2026

    सस्ती चीजों से पूरी करें फाइबर की जरूरत, पेट की समस्याओं से मिलेगा छुटकारा

    आजकल कपल्स के बीच ‘स्लीप डिवोर्स’ शब्द तेजी से चर्चा में है। हालांकि इसका कानूनी तलाक से कोई संबंध नहीं है। जब कोई जोड़ा आपसी सहमति से एक ही बिस्तर के बजाय अलग-अलग बिस्तरों या कमरों में सोने का फैसला करता है, तो इसे स्लीप डिवोर्स कहा जाता है। आमतौर पर यह फैसला खर्राटों, अलग स्लीप शेड्यूल, बार-बार करवट लेने या कमरे के तापमान की अलग पसंद जैसी वजहों से लिया जाता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार नींद की कमी तनाव, चिड़चिड़ापन और रिश्तों में कड़वाहट बढ़ा सकती है। ऐसे में बिना व्यवधान के पूरी नींद लेने से मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, एंग्जायटी और डिप्रेशन का खतरा कम होता है और पार्टनर के साथ व्यवहार अधिक सकारात्मक बनता है। अच्छी नींद रिश्तों में अनावश्यक तनाव को कम कर आपसी समझ और जुड़ाव को मजबूत करने में भी मदद करती है।

    हालांकि स्लीप डिवोर्स हर कपल के लिए सही नहीं होता। कुछ लोगों के लिए साथ सोना भावनात्मक सुरक्षा और नजदीकी का एहसास देता है। इसलिए यह फैसला आपसी सहमति और समझ के साथ लेना जरूरी है, ताकि नींद की गुणवत्ता और रिश्ते—दोनों संतुलित बने रहें।

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