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    May 23, 2026

    113 साल पुराने दिल्ली जिमखाना क्लब पर संकट, 5 जून तक खाली करने के निर्देश

    केंद्र सरकार ने लुटियंस दिल्ली स्थित ऐतिहासिक दिल्ली जिमखाना क्लब को 5 जून तक कैंपस खाली करने का आदेश दिया है। लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) की ओर से 22 मई को जारी पत्र में कहा गया कि सरकार को क्लब के कब्जे वाली 27.3 एकड़ जमीन डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर, संस्थागत जरूरतों और अन्य प्रोजेक्ट्स के लिए चाहिए। आदेश के अनुसार राष्ट्रपति की ओर से जमीन की लीज समाप्त कर दी गई है।

    करीब 113 साल पुराने इस क्लब की स्थापना ब्रिटिश काल में 1913 में ‘इम्पीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब’ के नाम से हुई थी। आजादी के बाद इसका नाम बदलकर दिल्ली जिमखाना क्लब कर दिया गया। क्लब की मौजूदा इमारतों को मशहूर ब्रिटिश आर्किटेक्ट रॉबर्ट टोर रसेल ने डिजाइन किया था, जिन्होंने कनॉट प्लेस और तीन मूर्ति भवन का डिजाइन भी तैयार किया था।

    प्रधानमंत्री आवास लोक कल्याण मार्ग के पास स्थित यह क्लब लंबे समय से हाई-सोसायटी स्टेटस का प्रतीक माना जाता रहा है। यहां नौकरशाहों, सेना प्रमुखों, जजों, राजनेताओं और उद्योगपतियों की सदस्यता प्रतिष्ठा का प्रतीक मानी जाती है। क्लब में 26 ग्रास टेनिस कोर्ट, स्क्वैश कोर्ट, बैडमिंटन कोर्ट, बिलियर्ड्स रूम, स्विमिंग पूल, लाउंज बार और 43 कॉटेज जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।

    करीब 1200 सदस्यों वाले इस क्लब की सदस्यता पाना बेहद मुश्किल माना जाता है। हर साल केवल लगभग 100 नए लोगों को ही सदस्यता मिलती थी और कई लोगों को 20 से 30 साल तक इंतजार करना पड़ता था। क्लब में लंबे समय तक 40-40-20 नियम लागू रहा, जिसमें 40% सदस्यता सिविल सर्विस, 40% रक्षा सेवाओं और 20% अन्य लोगों के लिए आरक्षित रहती थी।

    क्लब के सदस्य सिद्धार्थ ने कहा कि सरकार के इस फैसले को अदालत में चुनौती दी जाएगी। उनका कहना है कि क्लब से किसी तरह का सुरक्षा खतरा नहीं है और आदेश में किए गए दावों पर पुनर्विचार होना चाहिए।

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