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    May 17, 2026

    अमेरिका-ईरान तनाव से बाजार में बढ़ सकती है हलचल

    18 मई से शुरू होने वाले कारोबारी हफ्ते में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। अमेरिका-ईरान तनाव, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे।

    विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर ग्लोबल मार्केट्स पर पड़ सकता है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए समुद्री ट्रैफिक को नियंत्रित करने का प्रस्ताव देने की बात कही है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शांति समझौते को लेकर सख्त चेतावनी दी है। इससे निवेशकों की चिंता बढ़ी हुई है।

    तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 3% से ज्यादा उछलकर 109 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है।

    इस हफ्ते चौथी तिमाही के नतीजों का छठा चरण भी जारी रहेगा। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), भारत पेट्रोलियम (BPCL), LIC, लेंसकार्ट और नायका समेत 500 से ज्यादा कंपनियां अपने नतीजे घोषित करेंगी। इनके प्रदर्शन का असर बाजार की चाल पर पड़ सकता है।

    विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। मई में अब तक विदेशी निवेशक 27 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के शेयर बेच चुके हैं। वहीं 2026 में उनकी कुल बिकवाली 2.31 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गई है।

    टेक्निकल स्तर पर निफ्टी के लिए 23,250 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 24,000 और 24,250 के स्तर रेजिस्टेंस हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को सावधानी और सख्त स्टॉप-लॉस रणनीति के साथ ट्रेडिंग करनी चाहिए।

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