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    September 01, 2025

    असम में थाडौ जनजाति के नेता की हत्या: मणिपुर में शांति वार्ता शुरू कराने की कोशिश बनी वजह!

    असम में थाडौ जनजाति के एक शीर्ष नेता की कथित तौर पर हत्या कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि जिन नेता की हत्या की गई है, वे मणिपुर में शांति वार्ता का हिस्सा रहे थे। बताया जा रहा है कि हत्या के बाद शव को नदी में फेंक दिया गया और अभी तक शव बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने इस मामले में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

    पांच संदिग्ध गिरफ्तार
    पुलिस ने बताया कि थाडौ जनजाति के नेता नेहकाम जोहाओ असम के कार्बी आंगलोंग जिले के मांजा इलाके में कुकी बस्ती में रहते थे। जोमहाओ की कथित तौर पर शनिवार रात धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई और हत्या के बाद शव को जमुना नदी में फेंक दिया गया। पुलिस ने बताया कि शव की तलाश रविवार से जारी है, लेकिन अभी तक शव बरामद नहीं हो सका है। पुलिस ने इस मामले में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और कई अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, फोरेंसिक विशेषज्ञ और एक सीआईडी टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और हत्या के कारणों की जांच की।

    शांति वार्ता की पहल करने के चलते हत्या का दावा
    जोमहाओ बीते महीने इंफाल में मैतई समुदाय के साथ हुई शांति पहल में शामिल थे और दावा किया जा रहा है कि उसी के चलते उनकी हत्या हुई है। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है और जांच की बात कही है। मणिपुर में लंबे समय तक कुकी और मैतई समुदाय के बीच जातीय हिंसा हुई। बीते दिनों थाडौ इनपी मणिपुर (टीआईएम) के एक प्रतिनिधिमंडल ने, जो थाडौ समुदाय का प्रतिनिधित्व करता है, विभिन्न मैतेई नागरिक समाज संगठनों (सीएसओ) और छात्र निकायों के साथ बातचीत की और शांति की पहल की। दोनों समुदायों के बीच संवाद और आपसी समझ को बढ़ावा देने की दिशा में ये पहल काफी महत्वपूर्ण साबित हुई।

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