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    May 17, 2026

    फर्जी सिम बन सकता है मुसीबत, जानें कैसे करें डिएक्टिवेट

    डिजिटल दौर में पहचान की चोरी एक बड़ा खतरा बनती जा रही है। हाल ही में फर्जी आईडी पर सिम कार्ड जारी करने का बड़ा मामला सामने आया है। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (DoT) के ऑपरेशन ‘FACE’ के तहत 880 संदिग्ध चेहरों पर 1.21 लाख सिम कार्ड जारी होने का खुलासा हुआ है। इनमें मध्यप्रदेश में 700 लोगों के नाम पर करीब 1 लाख और छत्तीसगढ़ में 180 लोगों के नाम पर 21 हजार सिम एक्टिव पाए गए।

    साइबर एक्सपर्ट राहुल मिश्रा के मुताबिक, फर्जी सिम कार्ड किसी व्यक्ति की जानकारी या पहचान का गलत इस्तेमाल कर जारी किए जाते हैं। अपराधी चोरी हुए दस्तावेज, फर्जी KYC या फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए सिम एक्टिव कर लेते हैं। ऐसे सिम का इस्तेमाल साइबर ठगी, बैंक फ्रॉड, फर्जी कॉलिंग और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में किया जाता है।

    एक्सपर्ट्स के अनुसार किसी आम व्यक्ति के नाम पर फर्जी सिम एक्टिव होना बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे बैंक अकाउंट हैक होने, OTP फ्रॉड, सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल, फाइनेंशियल फ्रॉड और यहां तक कि किसी अपराध में फंसने का खतरा भी बढ़ जाता है।

    सरकार ने ‘संचार साथी’ पोर्टल के जरिए यह सुविधा दी है कि कोई भी व्यक्ति अपने नाम पर एक्टिव सिम कार्ड की जानकारी ऑनलाइन चेक कर सकता है। अगर कोई संदिग्ध नंबर दिखाई दे, तो उसे ‘नॉट माय नंबर’ विकल्प के जरिए तुरंत रिपोर्ट और डिएक्टिवेट कराया जा सकता है।

    साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिम लेते समय केवल अधिकृत स्टोर से ही खरीदारी करें और KYC प्रक्रिया खुद पूरी करें। किसी को OTP या आईडी की कॉपी शेयर न करें। साथ ही समय-समय पर यह जरूर जांचते रहें कि आपके नाम पर कितने सिम कार्ड एक्टिव हैं।

    अगर फर्जी सिम से जुड़े किसी फ्रॉड का शक हो, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें या cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराएं।

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