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    May 22, 2026

    राजाभैया समेत 50 प्रभावशाली लोगों का रिकॉर्ड तलब, कोर्ट ने मांगी पूरी जानकारी

    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी के 50 से ज्यादा बाहुबलियों की क्राइम कुंडली तलब करते हुए राज्य सरकार को उनके हथियारों के लाइसेंस और सुरक्षा व्यवस्था की जांच करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने गृह विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए 26 मई तक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।

    हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि गृह विभाग के ज्वाइंट सेक्रेटरी हलफनामे के साथ संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों और कमिश्नरेट के कमिश्नरों की अंडरटेकिंग भी पेश करेंगे। इसमें यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी जानकारी छिपाई नहीं गई है।

    मामले की सुनवाई जस्टिस विनोद दिवाकर की बेंच ने की। यह याचिका संत कबीरनगर निवासी जयशंकर उर्फ बैरिस्टर ने दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि प्रदेश में गन लाइसेंस जारी करने में नियमों की अनदेखी की जा रही है। 18 मई को सुनवाई के बाद कोर्ट ने आदेश जारी किया, जिसे 20 मई को वेबसाइट पर अपलोड किया गया।

    सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में बताया गया कि प्रदेश में इस समय 10 लाख से अधिक शस्त्र लाइसेंस जारी हैं। वहीं 23 हजार से ज्यादा आवेदन लंबित हैं। इसके अलावा 6 हजार से अधिक ऐसे लोगों को भी लाइसेंस दिए गए हैं, जिन पर दो या उससे अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

    हलफनामे में यह भी सामने आया कि प्रदेश में करीब 21 हजार परिवार ऐसे हैं, जिनके पास एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस हैं। पुलिस और जिला प्रशासन के फैसलों के खिलाफ 1738 अपीलें अभी कमिश्नरों के पास लंबित हैं।

    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि खुलेआम हथियार दिखाने से समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा होता है। अदालत ने टिप्पणी की कि हथियार आत्मरक्षा के लिए हो सकते हैं, लेकिन जब उनका इस्तेमाल दबदबा बनाने और डराने के लिए होने लगे, तो इससे सामाजिक शांति और लोगों का भरोसा कमजोर होता है।

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