सूर्या हत्याकांड पर CM योगी का बयान: दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी बर्दाश्त नहीं, नालायक औलादों को समझा लो
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के चर्चित सूर्या हत्याकांड को लेकर सख्त प्रतिक्रिया दी है। बिजनौर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दोस्ती की आड़ में की गई छुरेबाजी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अभिभावकों को भी नसीहत देते हुए कहा कि यदि कोई अपनी नालायक औलाद को नहीं समझा पा रहा है, तो वह बड़ी गलती कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अहिंसा और करुणा मानवता के आभूषण हैं, लेकिन जब सामने खर-दूषण जैसे लोग हों तो शस्त्र उठाना आवश्यक हो जाता है। उन्होंने भगवान कृष्ण का उल्लेख करते हुए कहा कि सज्जनों के साथ सज्जनता और दुर्जनों के साथ कठोरता जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ ने गोहत्या और गोमाता को लेकर भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गोहत्या किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। गोमाता के प्रति किसी प्रकार की हिमाकत करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग एक तरफ गोमाता के सम्मान की बात करते हैं और दूसरी तरफ गोहत्या को बढ़ावा देने वालों का समर्थन करते हैं। उन्होंने इसे दोहरा चरित्र बताया।
पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार का मुद्दा उठाते हुए योगी ने कहा कि वहां पीड़ित हिंदू समुदाय के समर्थन में कुछ तथाकथित धर्मगुरु कभी आवाज नहीं उठाते। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं की घटती आबादी चिंता का विषय है।
मुख्यमंत्री बिजनौर के अफजलगढ़ क्षेत्र स्थित आलमपुर गावड़ी गांव में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां उन्होंने पाकिस्तान से विस्थापित 1645 हिंदू परिवारों और 50 पूर्व सैनिकों को जमीन के पट्टे वितरित किए।
क्या है सूर्या हत्याकांड?
गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में 28 मई को बकरीद के दिन सूर्या नामक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी असद को 31 मई को मुठभेड़ में मार गिराया गया। मामले में असद के पिता नवाब समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
प्रशासन ने आरोपी असद के घर को लेकर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने मकान को अवैध कब्जे की जमीन पर निर्मित बताते हुए नोटिस जारी किया है और संबंधित पक्ष से जवाब मांगा है।
